Sunday, April 12, 2026
भड़ास
  • Home
  • भ्रष्टाचार
  • अपराध
  • अवैध संपत्ति
  • लालच
  • सत्ता
No Result
View All Result
  • Home
  • भ्रष्टाचार
  • अपराध
  • अवैध संपत्ति
  • लालच
  • सत्ता
No Result
View All Result
भड़ास
No Result
View All Result
Home भ्रष्टाचार

झारखंड शराब घोटाला, प्लेसमेंट एजेंसी के 3 निदेशक गिरफ्तार

मानव संसाधन प्रदाता बनी एजेंसी ने किया दस्तावेजों में बड़ा खेल

bhadas.org - भ्रष्टाचार, अपराध, अवैध संपत्ति और लालच का पर्दाफाश by bhadas.org - भ्रष्टाचार, अपराध, अवैध संपत्ति और लालच का पर्दाफाश
October 15, 2025
in भ्रष्टाचार
झारखंड शराब घोटाला, प्लेसमेंट एजेंसी के 3 निदेशक गिरफ्तार

जांच में खुलासा हुआ है कि फर्जी बैंक गारंटी जमा कराकर करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दिया गया।

रांची। झारखंड में चल रहे बहुचर्चित शराब घोटाले में एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने मेसर्स विजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के तीन निदेशकों — परेश अभयसिंह ठाकोर, विक्रमसिंह अभयसिंह ठाकोर और महेश शिडगे — को गिरफ्तार किया है। एसीबी की एडीजी प्रिया दुबे के अनुसार, तीनों को अहमदाबाद के सन स्काई पार्क वकील ब्रिज सोसायटी से पकड़ा गया। सोमवार को इन्हें अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया गया। बुधवार को तीनों को न्यायिक हिरासत (जेल) भेजे जाने की संभावना है।

अब यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और संगठित भ्रष्टाचार की नई परतें उजागर कर रहा है।

फर्जी बैंक गारंटी का खुलासा

मेसर्स विजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हजारीबाग, कोडरमा और चतरा जिलों में मानव संसाधन प्रदाता के रूप में चुना गया था। जांच में सामने आया कि कंपनी ने 27 अगस्त 2023 को अपने प्रतिनिधि नीरज कुमार के हस्ताक्षर से ₹5,35,35,241 की फर्जी बैंक गारंटी जमा कराई थी। बाद में 28 दिसंबर 2023 को कंपनी के निदेशक महेश शिडगे के हस्ताक्षर से एक नई गारंटी दी गई, जिसमें “आंतरिक बदलाव” का हवाला दिया गया।

विभाग ने नहीं की जांच

एसीबी की जांच में खुलासा हुआ कि 10 जनवरी 2024 को बैंक गारंटी की सत्यता जांचने का पत्र लिखा गया था, लेकिन न तो उत्पाद विभाग और न ही जेएसबीसीएल (झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने कोई जांच कराई।

अदालत तक पहुंचा मामला

इस बीच, विक्रय के विरुद्ध अंतर राशि जमा न करने पर 9 जनवरी 2025 को विभाग ने बैंक गारंटी जब्त करने का आदेश दिया। इसके खिलाफ कंपनी हाईकोर्ट चली गई। अदालत ने बैंक गारंटी की अवधि 31 मार्च 2025 तक बढ़ाने का आदेश दिया।

बाद में विभाग ने बैंक गारंटी की जांच के लिए दो अधिकारियों को नियुक्त किया। जब वे बैंक पहुंचे तो पता चला कि बैंक गारंटी न तो बैंक से जारी हुई थी, न ही उस पर बैंक का लेटरहेड, हस्ताक्षर या मोहर असली थी।

कंपनी के प्रतिनिधियों पर आरोप

फर्जी बैंक गारंटी सामने आने के बाद 8 अप्रैल 2025 को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जवाब में निदेशक महेश शिडगे ने कहा कि यह फर्जीवाड़ा उनके स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह और श्याम शरण ने उनकी जानकारी के बिना किया। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में भी बैंक गारंटी अवधि बढ़ाने से संबंधित फर्जी पत्र इन्हीं प्रतिनिधियों ने दाखिल किया था।

एसीबी की जांच में नया खुलासा

एसीबी की जांच में स्पष्ट हुआ है कि विजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने सरकारी विभागों और न्यायालय को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और झारखंड शराब घोटाले में एक मुख्य भूमिका निभाई। यह कार्रवाई इस घोटाले की जांच में एसीबी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।


झारखंड शराब घोटाले का पूरा इतिहास

झारखंड शराब घोटाला मुख्य रूप से उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार कांड है, जिसमें फर्जी बैंक गारंटी, नकली दस्तावेज, होलोग्राम आपूर्ति में कमीशन और मैनपावर सप्लाई के माध्यम से सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाई गई। यह घोटाला छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से प्रेरित माना जाता है, जहां छत्तीसगढ़ मॉडल को अपनाकर झारखंड में शराब बिक्री की व्यवस्था की गई। कुल अनुमानित क्षति 100-150 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है, जिसमें 38.44 करोड़ रुपये केवल फर्जी बैंक गारंटी से संबंधित हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की जांच जारी है, जिसमें कई आईएएस अधिकारी, कारोबारी और कंपनियां नामजद हैं। नीचे समयरेखा के रूप में पूरी कहानी का विवरण दिया गया है।

समयरेखा

  • मई 2022: झारखंड में छत्तीसगढ़ मॉडल के तहत शराब की खुदरा बिक्री शुरू हुई। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव आईएएस विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में यह व्यवस्था लागू की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ के उत्पाद सचिव अरुण पति त्रिपाठी ने सहयोग किया। इसी दौरान होलोग्राम आपूर्ति के ठेके छत्तीसगढ़ की कंपनियों को दिए गए।
  • 2023 (आरंभिक घोटाला): मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (हजारीबाग, कोडरमा, चतरा जोन) और मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (धनबाद जोन) जैसी कंपनियों ने फर्जी बैंक गारंटी देकर मैनपावर सप्लाई का ठेका हासिल किया। कुल 38.44 करोड़ रुपये की क्षति हुई। प्रिज्म होलोग्राफी सिक्यूरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड ने ब्लैकलिस्ट होने से पहले 52 करोड़ होलोग्राम (35 पैसे प्रति) की आपूर्ति की और अधिकारियों को 9% कमीशन (करोड़ों रुपये) दिया।
  • 27 अगस्त 2023: विजन हॉस्पिटैलिटी ने प्रतिनिधि नीरज कुमार के हस्ताक्षर से 5,35,35,241 रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा की।
  • 28 दिसंबर 2023: विजन हॉस्पिटैलिटी के निदेशक महेश शिडगे के हस्ताक्षर से नई फर्जी बैंक गारंटी जमा की गई, आंतरिक बदलाव का बहाना बनाया गया। मार्शन इनोवेटिव ने भी 5 करोड़ 2 लाख रुपये की फर्जी गारंटी जमा की।
  • 2023 (छत्तीसगढ़ कनेक्शन): छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रिज्म कंपनी के खिलाफ नोएडा के कासना थाने में प्राथमिकी दर्ज। कंपनी के एमडी विधु गुप्ता को नोएडा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। झारखंड में भी नकली होलोग्राम आपूर्ति का खुलासा हुआ।
  • 10 जनवरी 2024: उत्पाद विभाग ने नई बैंक गारंटी की जांच के लिए पत्र लिखा, लेकिन जेएसबीसीएल या विभाग ने कोई सत्यापन नहीं किया। बैंक ने फर्जी गारंटी का अलर्ट दिया, लेकिन अधिकारियों ने नजरअंदाज किया।
  • 27 सितंबर 2024: एसीबी ने प्रारंभिक जांच (पीई नंबर 03/2024) दर्ज की। इंस्पेक्टर विनय कुमार राम ने फर्जी दस्तावेजों से राजस्व क्षति के साक्ष्य इकट्ठा किए।
  • 2024 (FIR दर्ज): एसीबी ने 13 नामजद (विनय चौबे सहित) और अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। जांच में अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई।
  • 9 जनवरी 2025: विक्रय के विरुद्ध अंतर राशि न जमा करने पर विभाग ने बैंक गारंटी जब्त करने का आदेश दिया। विजन हॉस्पिटैलिटी ने जेएसबीसीएल के खिलाफ हाईकोर्ट में केस दायर किया।
  • 31 मार्च 2025: बैंक गारंटी की अवधि समाप्त होने पर हाईकोर्ट ने विस्तार का आदेश दिया। विभाग ने दो अधिकारियों को सत्यापन के लिए भेजा, जहां बैंक ने फर्जी होने की पुष्टि की।
  • 8 अप्रैल 2025: फर्जी गारंटी पर विजन हॉस्पिटैलिटी को कारण बताओ नोटिस। महेश शिडगे ने नीरज कुमार सिंह और श्याम शरण पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया, साथ ही हाईकोर्ट में फर्जी पत्र दाखिल करने की बात स्वीकारी। मार्च 2025 तक विजन पर 12.98 करोड़ और मार्शन पर 25.46 करोड़ की देनदारी।
  • मई 2025: आईएएस विनय चौबे की गिरफ्तारी। एसीबी ने उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया।
  • 3 जून 2025: विनय चौबे को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
  • जून 2025: रायपुर के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया की डायरी से खुलासा: घोटाले की साजिश रायपुर के होटल में रची गई। छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार मनीष मिश्रा ने टेंडर में 2.5 करोड़ कमीशन देने की बात कबूली।
  • जुलाई 2025: प्रिज्म होलोग्राफी के एमडी विधु गुप्ता की गिरफ्तारी। एसीबी ने होलोग्राम भ्रष्टाचार की जांच तेज की। अरुण पति त्रिपाठी की भूमिका पर सवाल।
  • 19 अगस्त 2025: विनय चौबे को जमानत मिली, क्योंकि एसीबी 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। कई आरोपी बरी हो रहे।
  • 23 अगस्त 2025: शराब घोटाले में गिरफ्तार आरोपी एक-एक कर बरी हो रहे, जांच में चूक उजागर।
  • 30 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार मनीष मिश्रा से पूछताछ, शराब माफिया का कनेक्शन सामने।
  • 31 अगस्त 2025: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर एसीबी जांच पर सवाल उठाए और ईडी जांच की मांग की।
  • 13 अक्टूबर 2025: एसीबी ने मुंबई और गुजरात से 7 आरोपियों (महेश सीडगे, जगन देसाई, कमल देसाई, शीतल देसाई आदि) को गिरफ्तार किया। कुल घोटाला 150 करोड़ का अनुमान।
  • 14 अक्टूबर 2025: सातों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया गया।
  • 15 अक्टूबर 2025: विजन हॉस्पिटैलिटी के 3 निदेशक (परेश अभेयसिंह ठाकोर, विक्रमासिंह अभेसिंह ठाकोर, महेश शिडगे) गिरफ्तार। सभी को जेल भेजा गया। एसीबी एडीजी प्रिया दुबे ने पुष्टि की।

मुख्य आरोपी और कंपनियां

श्रेणीनाम/कंपनीभूमिका
अधिकारीविनय कुमार चौबे (आईएएस)प्रधान सचिव, मिलीभगत
अधिकारीअरुण पति त्रिपाठीछत्तीसगढ़ सहयोग
कारोबारीविधु गुप्ताप्रिज्म होलोग्राफी एमडी, होलोग्राम घोटाला
कारोबारीनीरज कुमार सिंहफर्जी दस्तावेज, प्रतिनिधि
कारोबारीमनीष मिश्राकमीशन वितरण
कारोबारीसिद्धार्थ सिंघानियासाजिश रचने वाला
कंपनीविजन हॉस्पिटैलिटीफर्जी गारंटी, मैनपावर
कंपनीमार्शन इनोवेटिवफर्जी गारंटी, मैनपावर
कंपनीप्रिज्म होलोग्राफीहोलोग्राम कमीशन

यह घोटाला राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है, जहां विपक्ष ईडी जांच की मांग कर रहा है। एसीबी की जांच से और खुलासे हो सकते हैं।

Tags: झारखंड में भ्रष्टाचार की घटनाएँझारखंड शराब घोटालापरेश अभयसिंह ठाकोरमहेश शिडगेविक्रमसिंह अभयसिंह ठाकोरविजन हॉस्पिटलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड
SummarizeShare235
bhadas.org - भ्रष्टाचार, अपराध, अवैध संपत्ति और लालच का पर्दाफाश

bhadas.org - भ्रष्टाचार, अपराध, अवैध संपत्ति और लालच का पर्दाफाश

भड़ास.org एक स्वतंत्र और निर्भीक हिंदी मीडिया प्लेटफ़ॉर्म है जो सत्ता, तंत्र और समाज के भीतर छिपे भ्रष्टाचार, अपराध, अवैध संपत्ति और लालच की सच्चाइयों को उजागर करने के लिए जाना जाता है। यह मंच पत्रकारिता की उस परंपरा को आगे बढ़ाता है जो सच बोलने से डरती नहीं, चाहे वह कितना ही असहज क्यों न हो।

Related Posts

मदुरै की मेयर इंद्राणी पोनवासंथ
भ्रष्टाचार

200 करोड़ का मदुरै प्रॉपर्टी टैक्स घोटाला: मेयर इंद्राणी पोनवासंथ का इस्तीफा, पति की गिरफ्तारी और पूरी कहानी

October 16, 2025
पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया
भ्रष्टाचार

मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया: छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाले की प्रमुख कड़ी

October 14, 2025
Load More

Popular News

  • CGPSC घोटाला की जांच अब तक अधूरी. 37 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हुई

    CGPSC घोटाला की जांच अब तक अधूरी. 37 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हुई

    591 shares
    Share 236 Tweet 148
  • अफसर सौम्या चौरसिया ने 50 करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित कीः EOW

    590 shares
    Share 236 Tweet 148
  • IAS अनिल पवार की पत्नी भारती पवार द्वारा 169 करोड़ का अवैध निर्माण घोटाला; ED ने उजागर किया भ्रष्टाचार का साम्राज्य

    587 shares
    Share 235 Tweet 147
  • झारखंड शराब घोटाला, प्लेसमेंट एजेंसी के 3 निदेशक गिरफ्तार

    587 shares
    Share 235 Tweet 147
  • मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया: छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाले की प्रमुख कड़ी

    586 shares
    Share 234 Tweet 147

By Categories

  • अपराध
  • अवैध संपत्ति
  • भ्रष्टाचार
  • लालच
  • सत्ता

Bhadas.org

भ्रष्टाचार, अपराध, अवैध संपत्ति और लालच का पर्दाफाश

Copyright © 2025 - Bhadas.org | All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • भ्रष्टाचार
  • अपराध
  • अवैध संपत्ति
  • लालच
  • सत्ता

Copyright © 2025 - Bhadas.org | All Rights Reserved