मदुरै मेयर इंद्राणी पोनवासंथ (उम्र 46 वर्ष) ने 16 अक्टूबर 2025 को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जो 5 मार्च 2022 को पदभार संभालने के बाद मार्च 2027 तक का था।
मदुरै। तमिलनाडु राज्य के मदुरै नगर निगम में 200 करोड़ रुपये के कथित प्रॉपर्टी टैक्स घोटाले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। डीएमके नेता और मदुरै की मेयर इंद्राणी पोनवासंथ ने 16 अक्टूबर 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह घोटाला लगभग 150 वाणिज्यिक भवनों के टैक्स मूल्यांकन में हेरफेर से जुड़ा है, जिससे निगम को भारी नुकसान हुआ। मेयर के पति पोन वासंथ को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और हाल ही में उन्हें जमानत मिली। एक विशेष जांच दल (एसआईटी) इसकी जांच कर रहा है। एक अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) पार्षद द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) में घोटाले से निगम को 200 करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया।
घोटाले की पृष्ठभूमि और एक्सपोजर
यह घोटाला 2022 से 2024 के बीच हुआ, जब निगम के अधिकारियों ने कथित रूप से अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर लगभग 150 वाणिज्यिक भवनों के प्रॉपर्टी टैक्स को कम आंका। इसमें निगम के सॉफ्टवेयर सिस्टम (यूटीआईएस, एक ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म) में रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया गया, बिना वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी के। इसमें निगम के कर्मचारी, संविदा कर्मचारी और मध्यस्थों का नेटवर्क शामिल था। घोटाले का पता पिछले साल (2023) एक नियमित ऑडिट के दौरान चला। इसके बाद तत्कालीन मदुरै निगम आयुक्त दिनेश कुमार ने 6 सितंबर 2024 को शहर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
ऑडिट में पाया गया कि 150 भवनों के टैक्स को जानबूझकर कम किया गया, जिसमें रिश्वत लेने के आरोप भी हैं। जुलाई 2025 में यह घोटाला राजनीतिक रूप से उजागर हुआ, जब एआईएडीएमके पार्षद की पीआईएल पर मदुरै बेंच ऑफ मद्रास हाईकोर्ट ने दक्षिण जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस और मदुरै पुलिस कमिश्नर को एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। एसआईटी का नेतृत्व मदुरै रेंज के डीआईजी अभिनव कुमार कर रहे हैं।
प्रमुख घटनाएं
- 2022-2024: घोटाले की अवधि, जिसमें टैक्स मूल्यांकन में अनियमितताएं हुईं।
- 2023: नियमित ऑडिट में धोखाधड़ी का पता चला।
- 6 सितंबर 2024: निगम आयुक्त दिनेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
- जुलाई 2024: हाईकोर्ट ने एसआईटी गठित करने का आदेश दिया।
- 7 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मेयर इंद्राणी पोनवासंथ के पति पोनवासंथ को पार्टी से निष्कासित करने का आदेश दिया और सभी पांच जोनल चेयरपर्सन को इस्तीफा देने का निर्देश दिया। बाद में ये इस्तीफे मेयर द्वारा स्वीकार किए गए।
- 12 अगस्त 2025: पोन वासंथ की गिरफ्तारी चेन्नई में एसआईटी द्वारा।
- 17 सितंबर 2025: पोन वासंथ को जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
- 9 अक्टूबर 2025: मदुरै बेंच ऑफ मद्रास हाईकोर्ट की जस्टिस एस. श्रीमथी ने पोन वासंथ को शर्तों के साथ जमानत दी।
- 16 अक्टूबर 2025: मेयर इंद्राणी पोनवासंथ ने इस्तीफा दिया।
मेयर का इस्तीफा और कारण
मदुरै मेयर इंद्राणी पोनवासंथ (उम्र 46 वर्ष) ने 16 अक्टूबर 2025 को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जो 5 मार्च 2022 को पदभार संभालने के बाद मार्च 2027 तक का था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, जैसा कि उनके पति पोन वासंथ ने मीडिया को बताया: “उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर इस्तीफा दिया है।” हालांकि, इस्तीफा पति की भूमिका और घोटाले की जांच के बीच विवाद के बीच आया। मेयर ने पत्रकारों के फोन कॉल्स नहीं उठाए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों से दिया गया। इस्तीफे के बाद डीएमके में उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। 17 अक्टूबर 2025 को डिप्टी मेयर टी. नागराजन की अध्यक्षता में इमरजेंसी काउंसिल मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें सभी पार्षदों को नोटिस भेजा गया।
पति पोन वासंथ की भूमिका और कानूनी कार्रवाई
पोन वासंथ को मई 2025 में एंटी-पार्टी गतिविधियों के लिए डीएमके से निष्कासित किया गया। अगस्त 2025 में उन्हें वाणिज्यिक भवनों के मूल्यांकन में अनियमितताओं के लिए गिरफ्तार किया गया, जिससे निगम को करोड़ों का नुकसान हुआ। 12 अगस्त 2025 को चेन्नई में एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार किया। 17 सितंबर 2025 को जमानत याचिका खारिज हुई, लेकिन 9 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत दी। जांच में पाया गया कि टैक्स कम करने के लिए रिश्वत ली गई।
जांच की स्थिति और गिरफ्तारियां
एसआईटी द्वारा जांच जारी है, जिसमें निगम स्टाफ, संविदा कर्मचारियों और मध्यस्थों का नेटवर्क उजागर हुआ। अब तक कम से कम आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें निगम का एक पूर्व सहायक आयुक्त शामिल है। घोटाले से निगम को 150-200 करोड़ का नुकसान अनुमानित है।
राजनीतिक प्रभाव
यह घोटाला डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों को बढ़ावा दे रहा है। एआईएडीएमके पार्षद की पीआईएल ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया। भाजपा राज्य अध्यक्ष नैणार नागेंद्रन ने डीएमके पर लूट का आरोप लगाया और कहा कि 2026 चुनावों में जनता सरकार को उखाड़ फेंकेगी। जुलाई 2025 में सीएम स्टालिन के निर्देश पर चार जोनल चेयरपर्सन ने इस्तीफा दिया। भाजपा ने के.पी. पुदुर बस स्टैंड के पास विरोध प्रदर्शन भी किया। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी डीएमके सरकार को भ्रष्ट बताया गया।
वर्तमान स्थिति
जांच जारी है और काउंसिल मीटिंग से उत्तराधिकारी का फैसला होगा। घोटाला डीएमके के लिए बड़ा झटका है, जो सिस्टमिक करप्शन को उजागर करता है।



