चैतन्य बघेल को मिले ₹16.70 करोड़ की ब्लैक मनी
रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है। अदालत के आदेश के बाद अब चैतन्य बघेल की दिवाली जेल में ही बीतेगी। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि उन्हें 29 अक्टूबर 2025 तक न्यायिक हिरासत में रखा जाए।
⚖️ EOW नहीं कर सकी चार्जशीट दाखिल, कोर्ट ने बढ़ाई रिमांड
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने 13 अक्टूबर को अदालत से चार्जशीट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। कोर्ट ने पहले 15 अक्टूबर तक की मोहलत दी थी, लेकिन एजेंसी तय समय सीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी।
इस पर अदालत ने चैतन्य बघेल समेत अन्य आरोपियों की रिमांड 29 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया। चैतन्य के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि जांच एजेंसी ने कोर्ट से कहा कि कुछ डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है, इसलिए और समय की आवश्यकता है।
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💰 ED का दावा: चैतन्य बघेल को मिले ₹16.70 करोड़
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस केस में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एजेंसी का कहना है कि शराब घोटाले की ब्लैक मनी का हिस्सा ₹16.70 करोड़ चैतन्य बघेल तक पहुंचा। जांच में सामने आया है कि इस रकम को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश (Investment) कर वैध दिखाने की कोशिश की गई। ED के अनुसार, ब्लैक मनी को सफेद करने के लिए फर्जी निवेश योजनाएं, ट्रांजेक्शन और दस्तावेजी सौदे तैयार किए गए थे।
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🏗️ ‘विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट’ में लगाया गया घोटाले का पैसा
ED की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चैतन्य बघेल की कंपनी ‘बघेल डेवलपर्स’ के ‘विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट’ में घोटाले की रकम निवेश की गई। इस प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेंद्र जैन ने स्वीकार किया कि वास्तविक निर्माण खर्च 13 से 15 करोड़ रुपये था, लेकिन रिकॉर्ड में केवल ₹7.14 करोड़ दर्शाया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ठेकेदार को ₹4.2 करोड़ नकद में दिए गए, जिनका कोई दस्तावेजी प्रमाण या बिल नहीं मिला।
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🏘️ फर्जी फ्लैट डील्स और नकली ट्रांजेक्शन का खुलासा
ED की जांच में यह भी पाया गया कि कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लो ने 19 फ्लैटों की खरीद के लिए ₹5 करोड़ बघेल डेवलपर्स को ट्रांसफर किए। ये फ्लैट उनके कर्मचारियों के नाम पर खरीदे गए, जबकि भुगतान स्वयं ढिल्लो ने किया। एजेंसी का कहना है कि यह पूरा ट्रांजेक्शन 19 अक्टूबर 2020 को हुआ था और इसका उद्देश्य ब्लैक मनी को वैध रूप देना और चैतन्य बघेल तक धन पहुंचाना था।
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💎 ज्वेलर से हुआ ₹5 करोड़ का फर्जी लोन सौदा
ED की रिपोर्ट के अनुसार, भिलाई के एक ज्वेलर ने चैतन्य बघेल को ₹5 करोड़ का नकली लोन दिया। बाद में इसी ज्वेलर ने बघेल डेवलपर्स से ₹80 लाख के छह प्लॉट खरीदे, ताकि कैश को बैंकिंग ट्रांजेक्शन में वैध दिखाया जा सके। एजेंसी का दावा है कि यह पूरा पैसा शराब घोटाले से प्राप्त ब्लैक मनी थी, जिसे “कानूनी” दिखाने के लिए लोन और प्रॉपर्टी डील्स का इस्तेमाल किया गया।
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⚠️ जांच जारी, जल्द दाखिल हो सकती है चार्जशीट
EOW और ED दोनों एजेंसियां इस केस की तह तक जाने में जुटी हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच के अंतिम चरण में कई राजनीतिक और कारोबारी कड़ियों का खुलासा हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि चार्जशीट तैयार की जा रही है और इसे अगली सुनवाई तक अदालत में दाखिल किया जा सकता है।
चैतन्य बघेल का पूरा इतिहास
चैतन्य बघेल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सबसे बड़े बेटे हैं। वे मुख्य रूप से व्यवसायी के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने रियल एस्टेट और कृषि क्षेत्र में काम किया है। राजनीति से दूरी बनाए रखने के बावजूद, वे कांग्रेस पार्टी के सामान्य सदस्य हैं और हाल ही में छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में उनकी गिरफ्तारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। उनका जन्म लगभग 1987 में हुआ, जो जुलाई 2025 में 38 वर्ष के हो चुके। नीचे उनके जीवन का विस्तृत विवरण समयरेखा, परिवार, शिक्षा, करियर और विवादों के रूप में दिया गया है।
परिवार और प्रारंभिक जीवन
चैतन्य बघेल का जन्म छत्तीसगढ़ के एक राजनीतिक परिवार में हुआ। उनके पिता भूपेश बघेल (जन्म: 23 अगस्त 1960) छत्तीसगढ़ के तीसरे मुख्यमंत्री (2018-2023) रहे और वर्तमान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। मां मुक्तेश्वरी बघेल हैं। परिवार में चार बच्चे हैं:
- चैतन्य बघेल (बेटा)
- दीप्ति बघेल (बेटी)
- स्मिता बघेल (बेटी)
- दिव्या चंद्रकार (बेटी, विवाहित)
चैतन्य की शादी 2023 में ख्याति वर्मा से हुई, जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भाटापारा की रहने वाली हैं। परिवार दुर्ग जिले के भिलाई शहर में रहता है, जहां चैतन्य पिता के साथ एक ही घर में रहते हैं।
शिक्षा
चैतन्य ने एमबीए की डिग्री प्राप्त की है। उनकी शिक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सीमित है, लेकिन वे एक पढ़े-लिखे व्यवसायी के रूप में जाने जाते हैं।
करियर
चैतन्य ने राजनीति से दूर रहते हुए व्यवसाय पर फोकस किया:
- रियल एस्टेट: वे ‘बघेल डेवलपर्स’ कंपनी के मालिक हैं। कंपनी ने दुर्ग जिले के भिलाई में विट्ठलपुरम और एक अन्य आवासीय कॉलोनी विकसित की। विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में कथित घोटाले के पैसे निवेशित होने का आरोप है।
- कृषि: परिवार की सब्जी की खेती की जिम्मेदारी संभालते हैं। वे खुद को किसान बताते हैं।
- राजनीतिक भूमिका: कांग्रेस पार्टी के सामान्य सदस्य हैं, लेकिन कोई औपचारिक पद नहीं। पिता की राजनीतिक यात्रा के बावजूद, वे राजनीति से दूरी बनाए रखते हैं।
समयरेखा
| वर्ष/तिथि | घटना |
|---|---|
| ~1987 | जन्म (लगभग, पिता भूपेश बघेल के राजनीतिक करियर की शुरुआत के समय)। |
| 2010s (आरंभ) | एमबीए पूरा कर रियल एस्टेट व्यवसाय शुरू। बघेल डेवलपर्स की स्थापना। |
| 2018-2023 | पिता भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान परिवार की खेती और व्यवसाय संभाला। |
| मार्च 2023 | ख्याति वर्मा से शादी। |
| 2019-2022 | कथित शराब घोटाले का दौर, जहां ED के अनुसार चैतन्य ने 1,000 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन को नियंत्रित किया। |
| जनवरी 2024 | ACB/EOW ने शराब घोटाले में FIR दर्ज की (70 नामजद, जिसमें पूर्व मंत्री और अधिकारी शामिल)। |
| मार्च 2025 | ED ने छापे मारे, चैतन्य के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पर सवाल। |
| 18 जुलाई 2025 | जन्मदिन पर ED ने गिरफ्तार किया। मनी लॉन्ड्रिंग केस में 16.70 करोड़ रुपये प्राप्त करने का आरोप। फर्जी फ्लैट डील्स, ज्वेलर से 5 करोड़ का नकली लोन और विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में काले धन के निवेश का खुलासा। |
| 22 जुलाई 2025 | कोर्ट में पेशी; पिता से जेल में बात की। |
| सितंबर 2025 | ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में ‘सिंडिकेट कंट्रोलर’ बताया गया। ACB/EOW ने दोबारा गिरफ्तार किया (25 सितंबर), 6 अक्टूबर तक रिमांड। |
| 6 अक्टूबर 2025 | विशेष कोर्ट में पेशी; कोई राहत नहीं। |
| 8 अक्टूबर 2025 | जमानत याचिका पर सुनवाई जारी। |
| 15 अक्टूबर 2025 | न्यायिक रिमांड 29 अक्टूबर तक बढ़ी; दिवाली जेल में कटेगी। EOW चार्जशीट दाखिल करने में देरी। |
विवाद और वर्तमान स्थिति
चैतन्य का नाम मुख्य रूप से 2,500-3,200 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ा है, जो 2019-2022 के दौरान भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुआ। ED का दावा है कि चैतन्य ने सिंडिकेट का नियंत्रण किया, अवैध शराब बिक्री से 1,000 करोड़ रुपये संभाले और इन्हें रियल एस्टेट में सफेद किया। अन्य आरोप:
| फर्जी निवेश: विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ का वास्तविक खर्च, लेकिन रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ दिखाया। | |
| नकली ट्रांजेक्शन: कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लो के माध्यम से 5 करोड़ रुपये के 19 फ्लैट डील। | |
| ज्वेलर लोन: भिलाई के ज्वेलर से 5 करोड़ का फर्जी लोन, बाद में 80 लाख के प्लॉट खरीदे। |
उनके वकील फैजल रिजवी का कहना है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है, क्योंकि चैतन्य का नाम किसी चार्जशीट में नहीं है। ACB ने 45 नामजद किए, लेकिन 29 अभी फरार। चैतन्य वर्तमान में रायपुर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। ED की जांच जारी है, जिसमें पूर्व मंत्री कवासी लखमा और IAS अनिल तुतेजा जैसे अन्य गिरफ्तार हो चुके।
यह इतिहास मुख्य रूप से सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। जांच से और खुलासे हो सकते हैं।
(bhadas.org)





